Sawan 2026 Kab Se Shuru Hai | सावन सोमवार 2026 की तिथियां और भगवान शिव की पूजा

Sawan 2026 Kab Se Shuru Hai? सावन सोमवार तारीख, व्रत कथा, पूजा विधि और Mahadev Puja Guide

By Deepak Kumar
Published: शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 at 11:01 AM

सावन सोमवार तिथियां

सावन महीने में सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं, शिवलिंग का अभिषेक करते हैं और भगवान भोलेनाथ से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

विवरणतिथिदिन
सावन प्रारंभ30 जुलाई 2026गुरुवार
पहला सावन सोमवार3 अगस्त 2026सोमवार
दूसरा सावन सोमवार10 अगस्त 2026सोमवार
तीसरा सावन सोमवार17 अगस्त 2026सोमवार
चौथा सावन सोमवार24 अगस्त 2026सोमवार
सावन समाप्त28 अगस्त 2026शुक्रवार

सावन महीने का इतिहास और महत्व

हिंदू धर्म में सावन महीने का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी महीने में समुद्र मंथन की घटना हुई थी।

जब देवताओं और असुरों ने मिलकर समुद्र मंथन किया, तब उसमें से कई दिव्य वस्तुओं के साथ-साथ हलाहल नामक भयंकर विष भी निकला। इस विष के कारण पूरी सृष्टि संकट में आ गई।

सृष्टि की रक्षा के लिए भगवान शिव ने उस विष को अपने कंठ में धारण कर लिया। विष के प्रभाव से उनका गला नीला पड़ गया और तभी से भगवान शिव को नीलकंठ नाम मिला।

भगवान शिव के शरीर में विष की गर्मी को शांत करने के लिए देवी-देवताओं ने उन पर जल चढ़ाया। इसी कारण सावन महीने में भगवान शिव के जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है।

माता पार्वती और सावन का संबंध

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन महीने में माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी।

माता पार्वती की भक्ति और तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें स्वीकार किया। इसलिए सावन का महीना भगवान शिव और माता पार्वती के पवित्र प्रेम और भक्ति का प्रतीक भी माना जाता है।

सावन सोमवार पूजा विधि

सावन सोमवार का व्रत भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए रखा जाता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से मन को शांति और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है।

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें

सावन सोमवार के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। पूजा स्थान और घर को साफ रखें।

व्रत का संकल्प लें

भगवान शिव का ध्यान करते हुए हाथ में जल और अक्षत लेकर सोमवार व्रत का संकल्प लें।

शिवलिंग का अभिषेक करें

भगवान शिव को जल, दूध, गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक करें।

पंचामृत में शामिल होते हैं:

  • दूध
  • दही
  • घी
  • शहद
  • शक्कर

पूजा सामग्री अर्पित करें

भगवान शिव को अर्पित करें:

  • बेलपत्र
  • धतूरा
  • आक के फूल
  • सफेद फूल
  • चंदन
  • गंगाजल

शिव मंत्र का जाप करें

पूजा के दौरान भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें:

ॐ नमः शिवाय 🔱

आरती और व्रत कथा पढ़ें

पूजा के अंत में शिव आरती करें और सावन सोमवार व्रत कथा का पाठ जरूर करें।

शिवलिंग पर जल चढ़ाने के सही नियम

सावन सोमवार व्रत में क्या खाएं?

जो भक्त सावन सोमवार का व्रत रखते हैं, वे अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार फलाहार कर सकते हैं। व्रत के दौरान फल, दूध, दही, मखाना, साबूदाना और सिंघाड़े या कुट्टू के आटे से बने व्यंजन का सेवन कई लोग करते हैं। कुछ भक्त पूरे दिन केवल फल और जल ग्रहण करके भी व्रत रखते हैं।

व्रत के नियम हर परिवार और क्षेत्र की परंपरा के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए व्रत रखने से पहले अपनी पारिवारिक परंपरा और स्वास्थ्य के अनुसार भोजन का नियम तय करना उचित माना जाता है।

सावन महीने में शिवलिंग जलाभिषेक का विशेष महत्व होता है। भगवान शिव को जल चढ़ाते समय कुछ नियमों का ध्यान रखना चाहिए।

जल चढ़ाने की सही विधि

🔹 दिशा का ध्यान रखें

शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय भक्त का मुख उत्तर दिशा की ओर होना शुभ माना जाता है।

🔹 तांबे के पात्र का प्रयोग करें

जल चढ़ाने के लिए तांबे के लोटे का उपयोग करना शुभ माना जाता है।

ध्यान रखें:

  • दूध चढ़ाने के लिए तांबे के पात्र का उपयोग नहीं करना चाहिए।

🔹 धीरे-धीरे जल चढ़ाएं

शिवलिंग पर हमेशा धीमी धारा में जल चढ़ाएं और साथ में:

ॐ नमः शिवाय

मंत्र का जाप करें।


शिवलिंग पर क्या नहीं चढ़ाना चाहिए

भगवान शिव की पूजा में इन चीजों को नहीं चढ़ाना चाहिए:

❌ हल्दी
❌ कुमकुम
❌ सिंदूर
❌ केतकी का फूल
❌ तुलसी के पत्ते

सावन में भगवान शिव को क्या चढ़ाएं?

सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा करते समय भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार कई चीजें अर्पित करते हैं। जल और गंगाजल से अभिषेक करने के बाद बेलपत्र, सफेद फूल और भगवान शिव को प्रिय मानी जाने वाली अन्य पूजा सामग्री अर्पित की जाती है।

भगवान शिव को अर्पित की जाने वाली प्रमुख चीजें:

  • जल और गंगाजल
  • बेलपत्र
  • सफेद फूल
  • धतूरा
  • आक के फूल
  • चंदन
  • पंचामृत

पूजा सामग्री अर्पित करते समय स्वच्छता और श्रद्धा का ध्यान रखना चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पूजा दिखावे के लिए नहीं, बल्कि श्रद्धा और भक्ति भाव से की जाए।

सावन सोमवार व्रत का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष दिन माना जाता है। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करके अपनी मनोकामनाओं के लिए प्रार्थना करते हैं।

कई भक्त सावन के प्रत्येक सोमवार को शिव मंदिर जाकर दर्शन करते हैं। कुछ लोग घर पर शिवलिंग की पूजा करते हैं और दिनभर भगवान शिव का नाम स्मरण करते हैं। माना जाता है कि सच्ची श्रद्धा से की गई शिव आराधना भक्त के मन में सकारात्मकता और आध्यात्मिक शांति का भाव उत्पन्न करती है।

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