आज 24 जुलाई 2026 है और भगवान शिव को समर्पित सावन के पवित्र महीने की शुरुआत होने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं। 30 जुलाई 2026 से सावन मास शुरू होने जा रहा है। इस शुभ महीने में बाजारों में हरी चूड़ियां, मेहंदी, लहरिया साड़ियां और सावन से जुड़े श्रृंगार की चीजों की रौनक दिखाई देने लगी है।
सावन आते ही महिलाओं के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि आखिर सावन में हरी चूड़ियां क्यों पहनी जाती हैं? हरे रंग का धार्मिक महत्व क्या है और इस महीने में 16 श्रृंगार को इतना शुभ क्यों माना जाता है?
आइए जानते हैं सावन में हरी चूड़ियों और 16 श्रृंगार से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं और खूबसूरत श्रृंगार टिप्स के बारे में।
सावन में हरी चूड़ियां पहनने का धार्मिक महत्व
सनातन परंपरा में हरे रंग को प्रकृति, हरियाली, सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। सावन महीने में जब पूरी प्रकृति हरियाली से भर जाती है, तब हरे रंग का विशेष महत्व बढ़ जाता है।
भगवान शिव और प्रकृति से जुड़ा है हरा रंग
सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हरा रंग प्रकृति और जीवन का प्रतीक है, इसलिए सावन में हरे रंग के वस्त्र और चूड़ियां पहनना शुभ माना जाता है।
ज्योतिष में हरे रंग का महत्व
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार हरा रंग बुध ग्रह से संबंधित माना जाता है। इसे बुद्धि, ज्ञान और सकारात्मक सोच का प्रतीक बताया गया है।
सुहाग और सौभाग्य का प्रतीक
विवाहित महिलाओं के लिए चूड़ियां सुहाग और सौभाग्य का प्रतीक मानी जाती हैं। सावन में महिलाएं अपने परिवार की सुख-समृद्धि और पति की लंबी उम्र की कामना करते हुए हरी चूड़ियां पहनती हैं।
सावन में 16 श्रृंगार का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में विवाहित महिलाओं के लिए 16 श्रृंगार का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि सावन के महीने में माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी।
इसी कारण सावन में महिलाएं माता पार्वती की तरह श्रृंगार करके भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। इसे सौभाग्य, प्रेम और वैवाहिक सुख से जोड़कर देखा जाता है।
16 श्रृंगार में कौन-कौन सी चीजें शामिल होती हैं?
सोलह श्रृंगार में मुख्य रूप से ये चीजें शामिल मानी जाती हैं:
- सिंदूर
- बिंदी
- काजल
- मेहंदी
- चूड़ियां
- मंगलसूत्र
- नथ
- झुमके
- हार
- बाजूबंद
- कमरबंद
- पायल
- बिछिया
- गजरा
- अंगूठी
- इत्र
सावन में मेहंदी, हरी चूड़ियां और पारंपरिक वस्त्र महिलाओं के श्रृंगार का खास हिस्सा बन जाते हैं।
- सावन का महीना भगवान शिव और माता पार्वती की भक्ति के लिए विशेष माना जाता है और इस दौरान महिलाओं के श्रृंगार का भी धार्मिक महत्व बताया जाता है।
- सावन में हरी चूड़ियां पहनने की परंपरा को प्रकृति, हरियाली, सुख-समृद्धि और सौभाग्य से जोड़ा जाता है।
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हरा रंग माता पार्वती को प्रिय माना जाता है, इसलिए सावन में हरे रंग के वस्त्र और चूड़ियां पहनना शुभ माना जाता है।
- विवाहित महिलाएं सावन में अपने पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना से विशेष श्रृंगार करती हैं।
- 16 श्रृंगार को भारतीय परंपरा में नारी के सौभाग्य, सुंदरता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
- 16 श्रृंगार में बिंदी, सिंदूर, मंगलसूत्र, चूड़ियां, मेहंदी, काजल, नथ, पायल और अन्य पारंपरिक आभूषण शामिल माने जाते हैं।
- सावन के सोमवार और विशेष धार्मिक अवसरों पर महिलाएं हरे रंग की चूड़ियों के साथ मेहंदी और पारंपरिक आभूषण पहनना पसंद करती हैं।
- श्रृंगार करते समय साफ-सफाई, आरामदायक आभूषण और अपनी पसंद के अनुसार सादगीपूर्ण लुक रखना भी महत्वपूर्ण है।
- सावन का श्रृंगार केवल सुंदरता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भक्ति, परंपरा और माता पार्वती के प्रति श्रद्धा की भावना से भी जुड़ा हुआ है।
- इस सावन 2026 में आप भी श्रद्धा और प्रसन्नता के साथ हरी चूड़ियां पहनकर माता पार्वती और भगवान शिव का स्मरण कर सकती हैं।
Sawan 2026: सावन में ट्रेंडिंग श्रृंगार और फैशन टिप्स
अगर आप इस सावन ट्रेडिशनल के साथ स्टाइलिश लुक चाहती हैं, तो ये टिप्स अपना सकती हैं:
1. फ्लोरल ग्रीन साड़ी लुक
सावन में हल्की हरी फ्लोरल प्रिंट वाली साड़ी, शिफॉन या जॉर्जेट फैब्रिक आपको खूबसूरत और एलिगेंट लुक दे सकती है।
2. शिव-पार्वती थीम वाली मेहंदी
इस सावन आप अरेबिक मेहंदी डिजाइन के साथ शिव-पार्वती या बेल-पत्ती वाली मेहंदी भी ट्राई कर सकती हैं।
3. ऑक्सिडाइज्ड ज्वेलरी
हरी साड़ी या कुर्ती के साथ सिल्वर ऑक्सिडाइज्ड ज्वेलरी एक शानदार इंडो-वेस्टर्न लुक देती है।
4. हरी चूड़ियों के साथ ट्रेडिशनल लुक
हरी चूड़ियां, मेहंदी और गजरा सावन के पारंपरिक श्रृंगार को और भी खास बना देते हैं।
सावन 2026 कब से शुरू हो रहा है?
उत्तर: उत्तर भारतीय पंचांग के अनुसार सावन 2026 की शुरुआत 30 जुलाई 2026 से मानी जा रही है। यह महीना भगवान शिव की पूजा और आराधना के लिए विशेष माना जाता है।
क्या कुंवारी लड़कियां भी सावन में हरी चूड़ियां पहन सकती हैं
उत्तर: हां, कुंवारी लड़कियां भी सावन में हरे रंग के वस्त्र और चूड़ियां पहन सकती हैं। धार्मिक मान्यताओं में इसे शुभ और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है।
सावन में कौन से रंग पहनना शुभ माना जाता है
उत्तर: सावन में हरा रंग विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इसके अलावा पीला और लाल रंग भी धार्मिक अवसरों पर पहना जाता है।
सावन में मेहंदी क्यों लगाई जाती है
उत्तर: सावन में मेहंदी को शुभता, सौभाग्य और सुंदरता का प्रतीक माना जाता है। महिलाएं इस महीने में विशेष रूप से मेहंदी लगाना पसंद करती हैं।
निष्कर्ष
सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति, प्रकृति की सुंदरता और पारंपरिक संस्कृति का अद्भुत संगम है। हरी चूड़ियां, मेहंदी और 16 श्रृंगार केवल सजने-संवरने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे धार्मिक भावनाएं और परंपराएं जुड़ी हुई हैं।
अगर आपको सावन से जुड़ी यह जानकारी पसंद आई हो तो इसे अपने परिवार और दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।
हर हर महादेव 🔱



















