✨ Welcome to DivineWorld | Wisdom • Vastu • Rashifal • Spiritual Knowledge 🙏
धनतेरस पर सोना, चांदी, बर्तन, झाड़ू और दीपक खरीदने की शुभ परंपराएं

धनतेरस पर क्या खरीदें और क्या नहीं? जानिए शुभ चीजें और वर्जित वस्तुएं

By Deepak Kumar
Published: रविवार, 25 अक्टूबर 2026 at 12:02 PM

धनतेरस हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। दिवाली से पहले आने वाले इस पर्व पर लोग अपने घर की साफ-सफाई करते हैं, भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं तथा अपनी परंपरा और सामर्थ्य के अनुसार नई वस्तुएं खरीदते हैं। किसी के घर में नए बर्तन आते हैं, तो कोई चांदी का सिक्का खरीदता है। वहीं कुछ लोग सोना, झाड़ू या घर की जरूरत का कोई सामान खरीदना पसंद करते हैं।

लेकिन धनतेरस के आसपास एक सवाल लगभग हर परिवार में उठता है—इस दिन क्या खरीदना शुभ माना जाता है और किन चीजों को खरीदने से बचना चाहिए?

धनतेरस पर क्या खरीदना शुभ माना जाता है?

hanteras par kya kharide aur kya nahi
Image Credit: Gemini

सोना और चांदी खरीदना

धनतेरस पर सोना और चांदी खरीदने की परंपरा काफी लोकप्रिय है। बहुत से परिवार इस दिन सोने के आभूषण, चांदी के सिक्के या चांदी की छोटी वस्तुएं खरीदते हैं। इन्हें समृद्धि और शुभ शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।

अगर आप सोना या चांदी खरीदना चाहते हैं, तो अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार ही खरीदारी करें। केवल परंपरा निभाने के लिए कर्ज लेना या जरूरत से ज्यादा खर्च करना उचित नहीं है। खरीदते समय शुद्धता, बिल, हॉलमार्क या लागू प्रमाणन की जांच जरूर करें।

पीतल, तांबे और स्टील के बर्तन

धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा भी बहुत पुरानी है। कई घरों में पीतल, तांबे या स्टील के बर्तन खरीदे जाते हैं। कुछ परिवारों में नए बर्तन घर लाने से पहले उन्हें साफ करके पूजा में रखने की परंपरा है।

आप अपनी जरूरत के अनुसार थाली, कटोरी, गिलास, लोटा या रसोई में काम आने वाला कोई दूसरा बर्तन खरीद सकते हैं। यदि बजट कम है, तो एक उपयोगी बर्तन खरीदना भी पर्याप्त है। त्योहार की खुशी का संबंध खर्च की रकम से नहीं है।

धनिया के बीज

धनतेरस पर साबुत धनिया खरीदने की परंपरा भी कई क्षेत्रों में प्रचलित है। कुछ परिवार इसे समृद्धि और अच्छी फसल का प्रतीक मानते हैं। पूजा में धनिया के बीज रखे जाते हैं और कुछ परंपराओं में दिवाली पूजा के दौरान भी इनका उपयोग किया जाता है।

यदि आपके परिवार में यह परंपरा निभाई जाती है, तो आप थोड़ी मात्रा में साबुत धनिया खरीद सकते हैं। इसे हर जगह अनिवार्य धार्मिक नियम नहीं माना जाना चाहिए।

झाड़ू खरीदना

धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की मान्यता भी काफी प्रचलित है। झाड़ू को घर की सफाई और गंदगी दूर करने का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक दृष्टि से इसे घर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखने की भावना से जोड़ा जाता है।

अगर आपको नई झाड़ू की जरूरत है, तो धनतेरस पर इसे खरीद सकते हैं। इसे घर में साफ स्थान पर रखें और उपयोग के बाद इधर-उधर बिखरा हुआ न छोड़ें। यह भी याद रखें कि झाड़ू खरीदना हर परिवार के लिए कोई अनिवार्य नियम नहीं है।

मिट्टी के दीपक

धनतेरस और दिवाली पर मिट्टी के दीपक खरीदना एक सुंदर और पारंपरिक विकल्प है। दीपक प्रकाश, आशा और सकारात्मक शुरुआत का प्रतीक हैं। इनका उपयोग घर के पूजा स्थल, आंगन और अन्य सुरक्षित स्थानों पर किया जाता है।

मिट्टी के दीपक खरीदने से स्थानीय कारीगरों को भी सहयोग मिलता है। दीपक जलाते समय उन्हें स्थिर जगह पर रखें और बच्चों तथा ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें।

भगवान धन्वंतरि या माता लक्ष्मी की पूजा सामग्री

धनतेरस पर पूजा के लिए भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर से संबंधित तस्वीर, मूर्ति या आवश्यक पूजा सामग्री खरीदी जा सकती है। कई परिवार इस दिन दीपक, रोली, अक्षत, फूल, धूप और अन्य पूजन सामग्री भी लाते हैं।

नई मूर्ति या तस्वीर खरीदना जरूरी नहीं है। घर में पहले से मौजूद देवी-देवताओं की श्रद्धापूर्वक पूजा करना भी पूरी तरह उचित है।

घर की जरूरत का सामान

धनतेरस पर नई शुरुआत के भाव से लोग घर के उपयोग की चीजें भी खरीदते हैं। उदाहरण के लिए, रसोई का सामान, कपड़े, छोटा घरेलू उपकरण या रोजमर्रा की कोई उपयोगी वस्तु खरीदी जा सकती है।

अगर आपके घर में किसी चीज की जरूरत लंबे समय से है, तो इस अवसर पर उसे खरीदने की योजना बना सकते हैं। खरीदारी से पहले कीमतों की तुलना करें और वारंटी तथा बिल जैसी जरूरी बातों की जांच करें।

धनतेरस पर क्या नहीं खरीदना चाहिए?

धनतेरस पर कुछ वस्तुओं को खरीदने से बचने की सलाह पारंपरिक मान्यताओं में दी जाती है। हालांकि, इन मान्यताओं का पालन हर क्षेत्र और परिवार में एक जैसा नहीं होता। इन्हें धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के रूप में समझना चाहिए, न कि किसी अनहोनी की निश्चित भविष्यवाणी के रूप में।

काले रंग की वस्तुएं

धनतेरस के अवसर पर कुछ परिवारों में काले रंग की वस्तुएं खरीदने से बचने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं में काले रंग को कई बार शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता, इसलिए लोग इस दिन खरीदारी करते समय रंग का विशेष ध्यान रखते हैं।

हालांकि, यह मान्यता सभी परिवारों और क्षेत्रों में समान नहीं है। धनतेरस पर खरीदारी करते समय अपनी पारिवारिक परंपराओं और व्यक्तिगत पसंद का ध्यान रखें। किसी वस्तु का रंग अलग होने मात्र से उसे अशुभ मानना जरूरी नहीं है।

टूटे या खराब बर्तन

धनतेरस पर नई वस्तु खरीदते समय टूटे, चटके या खराब बर्तन लेने से बचना चाहिए। यह सलाह केवल धार्मिक मान्यता के कारण नहीं, बल्कि उपयोग और सुरक्षा के लिहाज से भी उचित है।

खरीदारी करते समय बर्तन की गुणवत्ता जांचें। यदि कोई वस्तु खराब हो, तो उसे बदलवा लें।

फटे या खराब सामान

धनतेरस पर घर के लिए सामान खरीदते समय ऐसी वस्तुओं से बचें जिनमें स्पष्ट खराबी हो या जो इस्तेमाल के योग्य न हों। त्योहार पर अच्छी शुरुआत की भावना के साथ उपयोगी और सही स्थिति में मौजूद वस्तुएं खरीदना बेहतर है।

यदि कोई सामान छूट पर मिल रहा है, तो केवल कम कीमत देखकर उसे न खरीदें। उसकी गुणवत्ता और जरूरत दोनों पर ध्यान दें।

अनावश्यक कर्ज लेकर महंगी खरीदारी

धनतेरस पर सबसे जरूरी सावधानी यह है कि केवल दिखावे या दूसरों की देखा-देखी में महंगी वस्तुएं न खरीदें। सोना, चांदी या महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदना आपकी क्षमता पर निर्भर होना चाहिए।

अगर आपका बजट सीमित है, तो छोटी खरीदारी करें या केवल पूजा सामग्री लेकर भी त्योहार मना सकते हैं। अपनी जरूरतों से ज्यादा खर्च करने के बजाय आर्थिक संतुलन बनाए रखना अधिक समझदारी है।

बिना जरूरत की वस्तुएं

त्योहारों के दौरान दुकानों और बाजारों में कई आकर्षक ऑफर मिलते हैं। ऐसे में कभी-कभी लोग ऐसी चीजें भी खरीद लेते हैं जिनकी उन्हें वास्तव में जरूरत नहीं होती।

धनतेरस पर खरीदारी की सूची पहले बना लें। इससे अनावश्यक खर्च कम होगा और आप अपनी जरूरत की वस्तुओं पर ध्यान दे पाएंगे।

अशुद्ध या बिना जांच कीमती धातुएं

अगर आप सोना या चांदी खरीद रहे हैं, तो बिना बिल या शुद्धता की जांच के महंगी वस्तु खरीदने से बचें। विश्वसनीय विक्रेता चुनें और खरीदारी के दस्तावेज सुरक्षित रखें।

यह कोई धार्मिक निषेध नहीं, बल्कि आपकी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने का व्यावहारिक तरीका है।

धनतेरस पर खरीदारी करते समय इन बातों का ध्यान रखें

  • खरीदारी से पहले अपना बजट तय करें।
  • सोना-चांदी लेते समय शुद्धता, बिल और लागू हॉलमार्क की जांच करें।
  • बर्तन या घरेलू सामान खरीदते समय उसकी गुणवत्ता देखें।
  • पूजा सामग्री साफ और उपयोग योग्य होनी चाहिए।
  • घर में पहले से मौजूद उपयोगी वस्तुओं को केवल परंपरा के नाम पर बदलने की जरूरत नहीं है।
  • अपनी क्षेत्रीय और पारिवारिक परंपराओं का सम्मान करें, लेकिन अंधविश्वास या डर में आकर निर्णय न लें।
  • खरीदारी के साथ घर की साफ-सफाई और पूजा की तैयारी पर भी ध्यान दें।

धनतेरस पर खरीदारी का सही भाव क्या होना चाहिए?

धनतेरस का संदेश केवल धन इकट्ठा करने तक सीमित नहीं है। यह पर्व स्वास्थ्य, स्वच्छता, मेहनत, संतुलित खर्च और परिवार की खुशियों का महत्व भी याद दिलाता है।

मान लीजिए किसी परिवार का बजट कम है। वह सोना या चांदी नहीं खरीद सकता, लेकिन मिट्टी के दीपक, पूजा सामग्री या घर की जरूरत का कोई छोटा सामान खरीद सकता है। ऐसे परिवार को त्योहार मनाने के लिए अधिक खर्च करने की जरूरत नहीं है।

इसी तरह, यदि कोई व्यक्ति इस दिन कुछ नहीं खरीद पाता, तो इसका अर्थ यह नहीं कि उसके घर में सुख-समृद्धि नहीं आएगी। धार्मिक परंपराओं में श्रद्धा का अपना महत्व है, जबकि जीवन में आर्थिक स्थिति, मेहनत, समझदारी और अच्छे निर्णय भी बहुत मायने रखते हैं।

त्योहार को खुशियों के साथ मनाएं और अपनी क्षमता के अनुसार ही खरीदारी करें।

धनतेरस पर क्या खरीदें और क्या नहीं? एक नजर में

वस्तुक्या करना उचित है?
सोना और चांदीबजट के अनुसार खरीद सकते हैं
पीतल, तांबे या स्टील के बर्तनजरूरत के अनुसार खरीद सकते हैं
साबुत धनियापारिवारिक परंपरा के अनुसार खरीद सकते हैं
झाड़ूघर की जरूरत के अनुसार खरीद सकते हैं
मिट्टी के दीपकपूजा और सजावट के लिए अच्छा विकल्प
पूजा सामग्रीश्रद्धा के अनुसार खरीद सकते हैं
लोहे की वस्तुएंकुछ परंपराओं में परहेज; कोई सर्वमान्य निषेध नहीं
टूटे या खराब बर्तनखरीदने से बचें
बिना जांच कीमती धातुशुद्धता और बिल की पुष्टि किए बिना न खरीदें
अनावश्यक महंगी वस्तुएंबजट और जरूरत देखकर ही खरीदें

निष्कर्ष

धनतेरस पर सोना, चांदी, बर्तन, झाड़ू, साबुत धनिया और मिट्टी के दीपक खरीदने की परंपरा कई परिवारों में प्रचलित है। वहीं कुछ वस्तुओं, जैसे लोहे की चीजों को लेकर अलग-अलग मान्यताएं मिलती हैं। इसलिए किसी एक परंपरा को सभी लोगों के लिए अनिवार्य नियम मानना सही नहीं है।

इस धनतेरस पर अपनी जरूरत, बजट और पारिवारिक परंपराओं को ध्यान में रखकर खरीदारी करें। घर को साफ रखें, श्रद्धापूर्वक पूजा करें और परिवार के साथ त्योहार की खुशियां बांटें। याद रखें, शुभ शुरुआत के लिए महंगी खरीदारी जरूरी नहीं है; समझदारी, संतोष और अच्छे विचार भी जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, सांस्कृतिक परंपराओं और सामान्य व्यावहारिक सुझावों पर आधारित है। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में धनतेरस से जुड़ी परंपराएं भिन्न हो सकती हैं। किसी भी मान्यता को निश्चित परिणाम या अनहोनी की गारंटी के रूप में न लें।

इस आर्टिकल को शेयर करें