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दीपावली पर झाड़ू खरीदने के नियम और पुरानी झाड़ू फेंकने का सही समय

धनतेरस या दिवाली पर झाड़ू कब खरीदें? जानें सही दिन, नियम और पुरानी झाड़ू फेंकने का तरीका

By Deepak Kumar
Published: सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 at 2:04 PM

दीपावली का त्योहार आते ही घरों में साफ-सफाई, सजावट और पूजा की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। इस दौरान कई परिवार नई झाड़ू खरीदते हैं और घर के पुराने झाड़ू को बदलने की योजना बनाते हैं। भारतीय परंपरा में झाड़ू को केवल सफाई का साधन नहीं, बल्कि घर की स्वच्छता, व्यवस्था और समृद्धि से जोड़कर भी देखा जाता है।

धनतेरस और दीपावली पर झाड़ू खरीदने की परंपरा विशेष रूप से प्रचलित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, साफ-सुथरा घर मां लक्ष्मी के स्वागत की तैयारी का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि लोग इन दिनों झाड़ू खरीदने का शुभ समय, नई झाड़ू रखने की सही जगह और पुराने झाड़ू को हटाने के नियम जानना चाहते हैं।

लेकिन क्या दीपावली के दिन झाड़ू खरीदना जरूरी है? क्या पुरानी झाड़ू को रात में फेंकना अशुभ माना जाता है? और नई झाड़ू को घर में कहां रखना चाहिए?

इस लेख में इन सभी सवालों के जवाब पारंपरिक मान्यताओं और व्यावहारिक सुझावों के साथ सरल भाषा में जानेंगे।

1. दीपावली के दिन झाड़ू खरीदना शुभ क्यों माना जाता है?

हिंदू परंपरा में धनतेरस को खरीदारी और दीपावली को मां लक्ष्मी की पूजा से जोड़कर देखा जाता है। कई परिवारों में इन अवसरों पर नई झाड़ू खरीदने की परंपरा है। झाड़ू घर की गंदगी हटाने और स्वच्छता बनाए रखने में मदद करती है, इसलिए इसे घर की व्यवस्था और सकारात्मक वातावरण का प्रतीक भी माना जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां लक्ष्मी स्वच्छ और व्यवस्थित स्थान पर विराजमान होती हैं। इसी विश्वास के कारण त्योहार से पहले घर की अच्छी तरह सफाई की जाती है और जरूरत पड़ने पर नई झाड़ू खरीदी जाती है।

हालांकि, यह समझना जरूरी है कि झाड़ू खरीदने का कोई एक अनिवार्य नियम सभी परिवारों और क्षेत्रों में समान रूप से लागू नहीं होता। यह मुख्य रूप से लोकपरंपरा और पारिवारिक मान्यताओं से जुड़ा विषय है।

ध्यान रखें: घर में साफ-सफाई रखना और अपनी सामर्थ्य के अनुसार त्योहार मनाना अधिक महत्वपूर्ण है। केवल किसी धार्मिक मान्यता के कारण नई झाड़ू खरीदना जरूरी नहीं है।

2. धनतेरस या दीपावली, झाड़ू खरीदने का सही दिन कौन-सा है?

झाड़ू खरीदने को लेकर धनतेरस और दीपावली, दोनों ही अवसरों पर अलग-अलग परिवारों में परंपराएं प्रचलित हैं।

धनतेरस पर झाड़ू खरीदना: कई परिवार धनतेरस के दिन नई झाड़ू खरीदना पसंद करते हैं। इस दिन लोग घर की जरूरत की वस्तुएं खरीदते हैं और दीपावली की तैयारियां पूरी करते हैं।

दीपावली पर झाड़ू खरीदना: कुछ परिवार दीपावली के दिन भी नई झाड़ू खरीदते हैं, ताकि पूजा और त्योहार से पहले घर की सफाई के लिए उसका इस्तेमाल किया जा सके।

यदि आपके परिवार में झाड़ू खरीदने का कोई विशेष दिन या नियम माना जाता है, तो आप उस परंपरा का पालन कर सकते हैं। अन्यथा, जब झाड़ू बदलने की जरूरत हो, तब सुविधानुसार नई झाड़ू खरीदना भी बिल्कुल उचित है।

3. दीपावली पर झाड़ू खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें?

नई झाड़ू खरीदते समय कुछ सरल बातों का ध्यान रखना उपयोगी होता है। इससे आपको अच्छी गुणवत्ता वाली और लंबे समय तक इस्तेमाल होने वाली झाड़ू चुनने में मदद मिलेगी।

साफ और मजबूत झाड़ू चुनें

ऐसी झाड़ू खरीदें जिसके तिनके या रेशे अच्छी तरह जुड़े हों। यदि झाड़ू के रेशे आसानी से निकल रहे हों या उसका हैंडल कमजोर हो, तो वह जल्दी खराब हो सकती है।

जरूरत के अनुसार झाड़ू खरीदें

घर के अंदर, आंगन, छत और बाथरूम की सफाई के लिए अलग-अलग प्रकार की झाड़ू उपयोगी हो सकती हैं। अपने घर की जरूरत के अनुसार झाड़ू चुनें।

झाड़ू को अच्छी तरह जांच लें

खरीदने से पहले देखें कि झाड़ू का आकार सुविधाजनक है या नहीं और उससे सफाई करना आसान होगा या नहीं। केवल त्योहार होने के कारण महंगी झाड़ू खरीदना जरूरी नहीं है।

खरीदारी के समय को लेकर अनावश्यक चिंता न करें

यदि आप शुभ मुहूर्त में खरीदारी करना चाहते हैं, तो स्थानीय पंचांग या विश्वसनीय कैलेंडर देखकर समय तय कर सकते हैं। लेकिन सामान्य घरेलू जरूरत के लिए झाड़ू खरीदने में किसी विशेष समय का इंतजार करना आवश्यक नहीं है।

4. नई झाड़ू को घर में कहां रखना चाहिए?

झाड़ू को रखने की जगह को लेकर भी कई पारंपरिक मान्यताएं प्रचलित हैं। व्यावहारिक रूप से ऐसी जगह चुनना बेहतर है जहां झाड़ू आसानी से मिल जाए, लेकिन वह घर के मुख्य रहने वाले हिस्से में बिखरी हुई न दिखाई दे।

झाड़ू को साफ और सूखी जगह पर रखें

झाड़ू को ऐसी जगह रखें जहां नमी कम हो और सफाई के बाद उसे सुखाना आसान हो। इससे उसमें गंदगी, दुर्गंध या फफूंद लगने की आशंका कम होती है।

झाड़ू को व्यवस्थित रखें

झाड़ू को किसी कोने, स्टोर एरिया या निर्धारित सफाई की जगह पर रखा जा सकता है। उसे इस तरह रखें कि आने-जाने में परेशानी न हो और वह बार-बार गिरकर गंदी न हो।

मुख्य दरवाजे के सामने रखने से बचें

कई परिवारों में झाड़ू को मुख्य दरवाजे के सामने या पूजा स्थल के पास रखने से बचने की परंपरा है। व्यावहारिक दृष्टि से भी झाड़ू को पूजा की सामग्री और साफ-सुथरे रहने वाले स्थान से अलग रखना उचित है।

झाड़ू को गीला छोड़कर न रखें

सफाई के बाद यदि झाड़ू गीली हो गई है, तो उसे सूखने दें। खासकर बाथरूम या गीले फर्श की सफाई में इस्तेमाल होने वाली झाड़ू को नमी वाली जगह में लंबे समय तक रखने से बचें।

5. दीपावली पर पुरानी झाड़ू कब फेंकनी चाहिए?

दीपावली से पहले कई लोग पुरानी झाड़ू बदलते हैं, लेकिन इसे हटाने के समय को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हैं।

कुछ परिवारों में अमावस्या की रात या मां लक्ष्मी की पूजा के समय झाड़ू बाहर निकालने से बचने की परंपरा है। ऐसे परिवार सामान्यतः सफाई का काम पूजा से पहले पूरा करना पसंद करते हैं।

यदि आप भी इस परंपरा का पालन करते हैं, तो दीपावली की पूजा से पहले घर की सफाई पूरी कर लें और खराब हो चुकी झाड़ू को उचित तरीके से हटाने की व्यवस्था कर लें।

क्या पुरानी झाड़ू को दीपावली की रात फेंकना अशुभ है?

इस संबंध में कोई एक सार्वभौमिक धार्मिक नियम नहीं है जो सभी परिवारों पर समान रूप से लागू होता हो। इसे अलग-अलग क्षेत्रों में प्रचलित मान्यता के रूप में समझना चाहिए, न कि ऐसी बात के रूप में जिससे डरने की जरूरत हो।

यदि किसी कारण से आप पुरानी झाड़ू समय पर नहीं हटा पाए, तो परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। उसे अगले सुविधाजनक समय पर साफ-सफाई और कचरा निपटान के उचित तरीके से हटा सकते हैं।

6. पुरानी झाड़ू को कैसे फेंकना चाहिए?

diwali new old broom tradition
Image Credit: Gemini

पुरानी झाड़ू को हटाते समय स्वच्छता और कचरे के सही निपटान का ध्यान रखना सबसे जरूरी है। इसके लिए इन बातों का पालन करें।

1. झाड़ू की स्थिति जांचें

यदि झाड़ू के तिनके बहुत अधिक टूट गए हैं, वह सफाई ठीक से नहीं कर पा रही है या उसका हैंडल खराब हो गया है, तो उसे बदलना उचित है। केवल दीपावली आने के कारण अच्छी स्थिति वाली झाड़ू को फेंकना जरूरी नहीं है।

2. झाड़ू को पूजा की सामग्री से अलग रखें

पुरानी झाड़ू को हटाते समय उसे पूजा की सामग्री, प्रसाद और खाने-पीने की वस्तुओं से अलग रखें। इससे घर में स्वच्छता बनी रहती है।

3. कचरे का उचित निपटान करें

पुरानी झाड़ू को सामान्य कचरे में डालने से पहले अपने स्थानीय कचरा संग्रहण के नियमों को ध्यान में रखें। यदि झाड़ू में प्लास्टिक, धातु या अन्य अलग-अलग सामग्री लगी है, तो जहां संभव हो, उन्हें अलग करें।

4. झाड़ू को खुले में न फेंकें

पुरानी झाड़ू को सड़क, नाली, खाली प्लॉट या किसी सार्वजनिक स्थान पर फेंकने से बचें। इससे गंदगी फैल सकती है और दूसरों को परेशानी हो सकती है।

5. झाड़ू को जलाने से बचें

पुरानी झाड़ू में प्लास्टिक या सिंथेटिक सामग्री हो सकती है। उसे जलाने से धुआं और हानिकारक प्रदूषक निकल सकते हैं। इसलिए उसे जलाने के बजाय उचित कचरा निपटान का तरीका अपनाएं।

7. क्या पुरानी झाड़ू को किसी दूसरे व्यक्ति को देना चाहिए?

कुछ परिवारों में पुरानी झाड़ू को किसी दूसरे व्यक्ति को देने या घर से बाहर निकालने को लेकर विशेष मान्यताएं हैं। इन परंपराओं का पालन करना व्यक्तिगत और पारिवारिक आस्था का विषय है।

व्यावहारिक रूप से यदि झाड़ू साफ, अच्छी स्थिति में और दोबारा इस्तेमाल करने योग्य है, तो उसे जरूरतमंद व्यक्ति को देना एक विकल्प हो सकता है। लेकिन यदि झाड़ू बहुत गंदी, टूटी हुई या इस्तेमाल के योग्य नहीं है, तो उसे किसी दूसरे व्यक्ति को देना उचित नहीं होगा।

यदि आपके परिवार में पुरानी झाड़ू को किसी को न देने की परंपरा है, तो आप उसका पालन कर सकते हैं। हालांकि, इसे सभी लोगों के लिए अनिवार्य नियम मानने की आवश्यकता नहीं है।

8. नई झाड़ू खरीदने के बाद कौन-सी गलतियां नहीं करनी चाहिए?

दीपावली के समय घर की सजावट और सफाई के बीच कुछ छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। इनसे बचना उपयोगी है।

  • नई झाड़ू को ऐसी जगह न रखें जहां वह बार-बार गीली होती रहे।
  • झाड़ू को पूजा की सामग्री, प्रसाद या खाने-पीने की वस्तुओं के साथ न रखें।
  • केवल शुभ-अशुभ के डर से जरूरत से ज्यादा झाड़ू खरीदने से बचें।
  • पुरानी झाड़ू को सड़क या नाली में फेंककर गंदगी न फैलाएं।
  • परिवार में प्रचलित परंपराओं का पालन करते हुए भी अनावश्यक डर या चिंता न पालें।
  • घर की सफाई को केवल त्योहार तक सीमित न रखें, बल्कि नियमित रूप से स्वच्छता बनाए रखें।

इन सरल आदतों से घर अधिक व्यवस्थित और साफ रह सकता है।

9. दीपावली पर झाड़ू खरीदने और पुरानी झाड़ू हटाने के नियम: एक नजर में

विषयक्या ध्यान रखें?
झाड़ू खरीदने का दिनधनतेरस या दीपावली, पारिवारिक परंपरा के अनुसार
खरीदने का समयशुभ मुहूर्त मानते हों तो पंचांग देख सकते हैं
नई झाड़ू की गुणवत्तामजबूत, साफ और जरूरत के अनुकूल
नई झाड़ू रखने की जगहसाफ, सूखी और व्यवस्थित जगह
पुरानी झाड़ू हटाने का समयचाहें तो पूजा से पहले सफाई पूरी कर लें
पुरानी झाड़ू फेंकने का तरीकास्थानीय कचरा निपटान नियमों के अनुसार
पुरानी झाड़ू जलानाधुएं और प्रदूषण के कारण इससे बचें
झाड़ू खरीदना अनिवार्य है?नहीं, जरूरत और सामर्थ्य के अनुसार खरीदें

10. दीपावली पर स्वच्छता और मां लक्ष्मी के स्वागत का महत्व

दीपावली केवल दीप जलाने और खरीदारी करने का त्योहार नहीं है। यह घर को व्यवस्थित करने, परिवार के साथ समय बिताने और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने का अवसर भी है।

भारतीय परंपरा में मां लक्ष्मी को सुख-समृद्धि की देवी माना जाता है। दीपावली पर घर की सफाई करना और पूजा स्थल को स्वच्छ रखना इसी श्रद्धा का हिस्सा है। नई झाड़ू खरीदना भी कई परिवारों के लिए इस तैयारी का प्रतीक है।

लेकिन समृद्धि का अर्थ केवल नई वस्तुएं खरीदना नहीं है। घर में मेहनत, समझदारी से खर्च करना, परिवार के सदस्यों का सम्मान करना और स्वच्छ वातावरण बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।

यदि आपकी पुरानी झाड़ू अच्छी स्थिति में है, तो केवल परंपरा के कारण उसे बदलना जरूरी नहीं है। और यदि उसे बदलने की आवश्यकता है, तो नई झाड़ू खरीदकर पुरानी झाड़ू को सही तरीके से हटाया जा सकता है।

निष्कर्ष

दीपावली के दिन झाड़ू खरीदने और पुरानी झाड़ू हटाने की परंपरा कई भारतीय परिवारों में प्रचलित है। कुछ लोग धनतेरस पर नई झाड़ू खरीदते हैं, जबकि कुछ दीपावली के दिन इसे घर लाना पसंद करते हैं। इसी तरह, पुरानी झाड़ू को पूजा के समय बाहर न निकालने की मान्यता भी कुछ परिवारों में देखने को मिलती है।

आप अपने परिवार की परंपरा और सुविधा के अनुसार निर्णय ले सकते हैं। झाड़ू खरीदने के लिए खुद पर आर्थिक दबाव न डालें और पुरानी झाड़ू हटाते समय स्वच्छता का ध्यान रखें। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि त्योहार के अवसर पर घर साफ-सुथरा हो, वातावरण अच्छा हो और परिवार के लोग खुशी तथा शांति के साथ दीपावली मनाएं।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई धार्मिक मान्यताएं पारंपरिक और सांस्कृतिक प्रथाओं पर आधारित हैं। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में नियम भिन्न हो सकते हैं। इन्हें किसी अनिवार्य धार्मिक आदेश या निश्चित शुभ-अशुभ परिणाम की गारंटी के रूप में न लें।

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